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राजस्थान की थेवा कला में “थारणा” किसे कहा जाता है?

 [A] विभिन्न रंगों के कांच को

[B] कांच पर चित्रकारी को

[C] कांच पर चांदी के बारीक तार से फ्रेम को

[D] कांच पर सोने की पतली वर्क के बारीक जाल को

Answer: D

राजस्थान की थेवा कला में कांच पर सोने की पतली वर्क के बारीक जाल को थारणा कहा जाता है। थेवा कला में काँच को कसने के लिए चांदी के महीन तार से बनाई जाने वाली फ्रेम का कार्य किया जाता है, जिसे ‘वाडा’ कहा जाता है। इन दोनों प्रक्रियाओं ‘थारना और वाड़ा’ के प्रथम दो अक्षरों से ‘थेवा’ नाम उत्पन्न हुआ है।

इसमें रंगीन बेल्जियम काँच का प्रयोग किया जाता है। थेवा कला में हरे रंग का प्रयोग किया जाता है। प्रतापगढ़ का राजसोनी परिवार थेवा कला के लिए प्रसिद्ध है।

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