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जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में योगसाधना भवन का लोकार्पण

जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में योगसाधना भवन का लोकार्पण: राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने जयपुर स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में शिलापट्टिकाओं का अनावरण कर योगसाधना भवन का लोकार्पण और संविधान पार्क एवं वैज्ञानिक आधार पर तैयार करवाई जा रही नवग्रह-नक्षत्र वाटिका का शिलान्यास किया।

मुख्य बिंदु

  • राज्यपाल कलराज मिश्र ने नई पीढ़ी को आधुनिक जीवन शैली से जुड़े दुष्प्रभावों से बचाने के लिये यौगिक दिनचर्या से जोड़ने का आह्वान किया है और बताया कि योग आत्मविकास का सबसे बड़ा माध्यम है, भौतिकता के दौर में मानसिक शांति एवं संतोष के लिये योग सर्वथा उपयोगी है।
  • उन्होंने बताया कि राजस्थान आने के बाद प्रदेश के सभी वित्त-पोषित विश्वविद्यालयों में संविधान पार्क स्थापित करवाना उनकी प्राथमिकता रही है, ताकि भावी नागरिक संविधान प्रदत्त जीवन मूल्यों से जुड़े और अधिकारों के साथ मौलिक कर्तव्यों का भी उन्हें भान रहे।
  • उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में नवनिर्मित योग साधना भवन को योग के शास्त्रीय अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा,  जहाँ योग से जुड़े शास्त्रों और योग की महान धरोहर से जुड़े आधुनिक ज्ञान को संस्कृत से अनुदित कर हिन्दी और दूसरी भाषाओं में उपलब्ध किया जा सके।
  • विश्वविद्यालय में बनने जा रही नवग्रह-नक्षत्र वाटिका ज्योतिष से जुड़े पौराणिक शोध और निष्कर्षों को सहज रूप में व्याख्यायित करेगी और पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति से भी विद्यार्थियों को जोड़ेगी।
  • इस अवसर पर राज्यपाल ने नवग्रह-नक्षत्र वाटिका की पुस्तक का लोकार्पण भी किया।
  • संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने बताया कि विश्व में भारत देश की प्रतिष्ठा संस्कृत भाषा और हमारी संस्कृति के कारण ही है तथा राजस्थान में संस्कृत भाषा के उन्नयन के लिये राज्य सरकार व्यापक स्तर पर प्रयास कर रही है। 

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