निम्नलिखित में से कौन सा हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित तीन ऋणों में सम्मिलित नहीं है?
(A) पितृ ऋण (B) देव ऋण (C) ऋषि ऋण (D) मातृ ऋण Answer: D हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित तीन ऋणों में मातृ ऋण सम्मिलित नहीं है। इन तीनों ऋण में पितृ पक्ष या श्राद्ध का महत्व इसलिए है क्यों की पितृ ऋण सबसे बड़ा ऋण माना गया है। शास्त्रों में पितृ ऋण से मुक्ति के … Read more