निम्नलिखित में से कौन सा हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित तीन ऋणों में सम्मिलित नहीं है?

(A) पितृ ऋण (B) देव ऋण (C) ऋषि ऋण (D) मातृ ऋण Answer: D हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित तीन ऋणों में मातृ ऋण सम्मिलित नहीं है। इन तीनों ऋण में पितृ पक्ष या श्राद्ध का महत्व इसलिए है क्यों की पितृ ऋण सबसे बड़ा ऋण माना गया है। शास्त्रों में पितृ ऋण से मुक्ति के … Read more

कजली पेंटिंग I राजस्थान की चित्रकला शैली

कजली पेंटिंग काजल से बनाए जाने के कारण इस चित्रकला शैली को कजली कहा जाता है। इसमें चित्र बनाने में ब्रश का प्रयोग नहीं किया जाता, बल्कि इसे हाथ और कपड़े के माध्यम से बनाया जाता है। Q. राजस्थान की निम्नलिखित में से किस चित्रकला शैली में ब्रश का उपयोग नहीं किया जाता है, केवल … Read more

रानीजी की बावड़ी (बूंदी) I रानीजी की बावड़ी का इतिहास क्या है? बावड़ी का निर्माण

रानीजी की बावड़ी (बूंदी) I रानीजी की बावड़ी का इतिहास क्या है? बावड़ी का निर्माण देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थित दर्शनीय स्थलों में राजस्थान की ऐतिहासिक एवं पर्यटन नगरी बूंदी का नाम जाना-पहचाना है। हाड़ौती की जन्म स्थली जैसे उपनामों से विख्यात बूंदी को बावड़ियों का शहर ‘सिटी ऑफ स्टेप वेल्स’ भी कहा जाता … Read more

राजस्थान की प्रमुख लोककलाएं । Rajasthan ki Lokakla

राजस्थान की प्रमुख लोककलाएं । Rajasthan ki Lokakla आम इंसान के द्वारा बिना किसी ताम-झाम व प्रदर्शन से जब अपनी स्वाभाविक कलाकारी को चित्र संगीत, नृत्य आदि के रूप में पेश किया जाता है, तो वह लोककला कहलाती है। वास्तव में लोककला ही संस्कृति की वास्तविक वाहक व प्रस्तुतकर्ता होती है। राजस्थान की प्रमुख लोककलाएं … Read more

भारतीय लोक कला मंडल की स्थापना किसने की थी?

[A] करना भील [B] कोमल कोठारी [C] देवीलाल सामर [D] जनार्दनराय नागर Answer: C भारतीय लोक कला मंडल की स्थापना पदमश्री देवीलाल सामर द्वारा उदयपुर में 1952 में की गई की थी। राजस्थान के कला एवं सांस्कृतिक संस्थान

राजस्थान के कला एवं सांस्कृतिक संस्थान

राजस्थान के कला एवं सांस्कृतिक संस्थान: आज के आर्टिकल में हम राजस्थान के कला एवं सांस्कृतिक संस्थान के बारे में जानेंगे।  आज का हमारा यह आर्टिकल RPSC, RSMSSB, Rajasthan Police,  एवं अन्य परीक्षाओं की दृष्टि से अतिमहत्वपुर्ण है। राजस्थान के कला एवं सांस्कृतिक संस्थान से सम्बन्धी महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ दी गई है। राजस्थान में कला … Read more

मावजी के अनुयायी उन्हें विष्णु का कौनसा अवतार मानते हैं?

मावजी के अनुयायी उन्हें विष्णु का कौनसा अवतार मानते हैं? [A] वामन अवतार [B] वराह अवतार [C] कल्कि अवतार  [D] मत्स्य अवतार Answer: C मावजी के अनुयायी उन्हें विष्णु का कल्कि अवतार मानते थे। संत मावजी महाराज वागड़ के महान संत थे। उनका डूंगरपुर जिले की आसपुर तहसील के साबलाग्राम में हुआ था। संत मावजी … Read more

भीमलत महादेव मंदिर (बूंदी)

भीमलत महादेव मंदिर (बूंदी) प्रकृति की गोद में स्थापित भीमलत महादेव मंदिर बूंदी जिले में चित्तौडगढ़ मार्ग पर स्थित है। यहां बने शिवालय में प्रकृति स्वयं महादेव का अभिषेक करती है, जहां पहाड़ों से बारहमासी निकलने वाले पानी से महादेव का अनवरत जलाभिषेक होता है। मंदिर के बारे में दंतकथा मान्यता है कि महाभारत काल में … Read more

बूंदी उत्सव सतरंगी पर्यटन पर्व

बूंदी महोत्सव सतरंगी पर्यटन पर्व बूंदी उत्सव सतरंगी पर्यटन पर्व: बूंदी महोत्सव कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर) के महीने में आयोजित किया जाता है और इसमें कई आध्यात्मिक और पारंपरिक गतिविधियां शामिल होती हैं। बूंदी को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए 1996 ई. में बूंदी उत्सव की शुरुआत की गई थी। हाल ही में … Read more

डोल मेला (बारां)

डोल मेला (बारां): डोल मेला हाड़ौती क्षेत्र का प्रसिद्ध मेला हैं। यह मेला साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है और राजस्थान राज्य के प्रमुख मेलों में से एक है। हाड़ौती का प्रसिद्ध डोल मेला डोल मेले का आयोजन: जलझूलनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ला 11) से बारां शहर के डोल तालाब पर डोल मेला का आयोजन किया जाता … Read more