(A) किशनगढ़, अजमेर
(B) जसरासर, बीकानेर
(C) धौली दुव गाँव, अलवर
(D) कोल्हा गांव, हनुमानगढ़
Answer: C
संत लालदास का जन्म 1540 ई. में धौली दुव गाँव (अलवर) में हुआ था। संत लालदास जी मेव जाति के थे।
इनके पिता का नाम चाँदमल जी एवं माता का नाम समदा बाई था। मध्यकाल में मेवात क्षेत्र में धार्मिक पुनर्जागरण का कार्य प्रसिद्ध संत लालदास जी ने किया था।
संत लालदास जी ने तिजारा (अलवर) के गद्दनचिश्ती’ से दीक्षा ली तथा लालदास जी ने मेवात क्षेत्र में हिन्दू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा दिया।
संत लालदास का देहान्त भरतपुर जिले के नगला जहाज गाँव में हुआ है, यहीं पर लालदासी सम्प्रदाय की प्रधान पीठ उपस्थित है। संत लालदास की समाधि शेरपुर (अलवर) में स्थित है।
NOTE: संत लालदास जी ने लालदासी सम्प्रदाय चलाया।
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