[A] फलोदी – पोकरण – 750 मेगावॉट
[B] बोडाना – 2000 मेगावॉट
[C] नोखा – 925 मेगावॉट
[D] पुगल – 1450 मेगावॉट
Answer: D
एमएनआरई की सौर पार्क योजना के अन्तर्गत पाँच सौर पार्कों का विकास चरणानुसार निम्न हैं :-
- फलोदी-पोकरण सोलर पार्क ( 750 मेगावाट ) : यह परियोजना मैसर्स एसेल सौर्य ऊर्जा कंपनी ऑफ राजस्थान लिमिटेड द्वारा विकसित की गई है, जो राजस्थान सरकार और एसेल इंफ्रा लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। अब तक 450 मेगावाट क्षमता शुरू की जा चुकी है।
- फतेहगढ़चरण फेज-1बी (1,500 मेगावाट ): संयुक्त उद्यम, मैसर्स अदानी रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड द्वारा विकसित। 896 मेगावाट क्षमता चालू कर दी गई है।
- नोख सोलर पार्क ( 925 मेगावाट ) : राजस्थान सोलर-पार्क डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (RSDCL) द्वारा विकसित। 190 मेगावाट क्षमता चालू कर दी गई है।
- पूगल सोलर पार्क (2,450 मेगावाट ) : राजस्थान सोलर-पार्क डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (आरएसडीसीएल) द्वारा इस परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा, जिसमें दो चरणों में 1,000 मेगावाट प्रत्येक में और एक चरण में 450 मेगावाट की क्षमता होगी।
- बोडाना सोलर पार्क (2000 मेगावाट ) : राजस्थान सोलर- पार्क डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (आरएसडीसीएल) द्वारा इसे जैसलमेर में विकसित किया जाएगा।