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मेव किसान आन्दोलन (1932)

मेव किसान आन्दोलन (1932): नमस्कार दोस्तों इस पोस्ट में आप राजस्थान में किसान आन्दोलन से संबंधित मेव किसान आन्दोलन (1932) के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे।

मेव किसान आन्दोलन (1932)

  • यह आन्दोलन 1932 में मेवात (अलवर, भरतपुर) में मोहम्मद अली के नेतृत्व में हुआ।
  • 1932 के अंत में गुड़गाँव के मेव नेता चौधरी यासीन खां ने इसका नेतृत्व किया मेव किसान आंदोलन की समाप्ति 1934 ई. में हुई।
  • सन् 1923-24 मे लागू किया गया भू-राजस्व बंदोबस्त मेव किसानों में असंतोष उत्पन्न करने वाला सिद्ध हुआ ।
  • इस आंदोलन के दौरान मोहम्मद हादी ने 1932 ई. में ‘अंजुमन-ए-खादिम उल इस्लाम’ संस्था की स्थापना की।
  • ‘अंजुमन-ए-खादिम उल इस्लाम’ मुस्लिम संगठन सामाजिक उत्थान हेतु अलवर के मेवों के बीच कार्य कर रहा था ।
  • मेव विद्रोह ने पूर्णतः साम्प्रदायिक रंग प्राप्त कर लिया। मेवों ने हिन्दुओं के घरों को जलाना व सम्पत्ति को लूटना आरंभ कर दिया था।
  • मार्च 1933 को आई.सी.एस. अधिकारी मि. वाइलिया को राजस्थान विभाग के प्रभार सहित प्रधानमंत्री (दीवान ) नियुक्त किया।
  • अलवर के महाराजा जयसिंह को देश निकाला दे दिया गया।
  • 26 फरवरी 1944 ई. को अलवर में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।
  • 5 फरवरी 1947 को भरतपुर में प्रजा परिषद् के नेतृत्व में बेगार विरोधी दिवस मनाया गया।

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