(A) जैसलमेर
(B) बीकानेर
(C) जोधपुर
(D) बाड़मेर
Answer: A
खड़ीन विधि
- खड़ीन जल संरक्षण की परम्परागत विधि है, जो तकनीकी दृष्टि से भी उत्तम है। राजस्थान के जैसलमेर में इनका निर्माण पालीवाल ब्राह्मणों ने पन्द्रहवीं सदी में प्रारम्भ किया था। और आज भी इस क्षेत्र में लगभग 500 खड़ीन है जिनसे हजारों हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई होती है।
- खड़ीन मिट्टी का बाँधनुमा अस्थाई तालाब होता है जिसे ढाल वाली भूमि के नीचे बनाया जाता है तथा दो तरफ पाल उठाकर तथा तीसरी ओर पत्थर की दीवार बनाई जाती है।
- इनमें यदि अतिरिक्त पानी आता है तो ऊपर से निकल जाता है। खड़ीन एक उत्तम विधि है जो शुष्क तथा अर्द्ध शुष्क क्षेत्रों में सफल होते हैं।
- खड़ीन के लिए जमीन राजा उपलब्ध कराता था जिस पर एक चौथाई लगान देना होता था।