राजस्थान सरकार ने प्रदेश को वस्त्र उद्योग के नए ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल पॉलिसी-2025 को लागू किया।
जारी होने की तिथि: 31 मार्च, 2025
परिचालन: यह नीति 31 मार्च, 2029 अथवा नई नीति आने तक प्रभावी रहेगी।
नोडल विभागः उद्योग एवं वाणिज्य विभाग।
लक्ष्यः अगले पाँच वर्षों में टेक्सटाइल एवं अपैरल क्षेत्र में 2 लाख नए रोजगार सृजन करना, 10,000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करना तथा राज्य में कपास, ऊन, हैंडलूम, चमड़ा, फुटवियर और तकनीकी वस्त्रों सहित पाँच टेक्सटाइल एवं अपैरल औद्योगिक पार्कों की स्थापना करना ।
उद्देश्यः राज्य में टेक्सटाइल और अपैरल मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना, टेक्सटाइल क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा टेक्सटाइल व अपैरल क्षेत्र में राजस्थान को हब के रूप में स्थापित करना ।
मुख्य प्रावधान:
- निवेश सब्सिडी : पात्र उद्यमी 7 वर्षों तक देय और जमा किए गए राज्य कर का 75 प्रतिशत प्रतिपूर्ति प्राप्त कर सकते हैं (वर्ष 1 से 3 के लिए 50 करोड़ रुपये एवं वर्ष 4 से 7 के लिए 65 करोड़ रुपये)
- RICCO क्षेत्र में भूमि खरीदने पर 3 वर्षों के लिए भूमि लागत का 25 प्रतिशत अग्रिम भुगतान और शेष 75 प्रतिशत का 0 प्रतिशत ब्याज दर पर आगामी दस वर्षों में किस्तों से भुगतान करने का प्रावधान है।
- टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण हेतु उभरती प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए प्रति उद्यम अधिकतम 12.5 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन।