Rajasthan Art and Culture MCQ
राजस्थान में सर्वाधिक पशु मेले किस जिले में आयोजित होते हैं?
[A] नागौर [B] डूंगरपुर [C] अजमेर [D] जैसलमेर Answer: A राजस्थान में सर्वाधिक पशु मेले नागौर जिले में आयोजित होते हैं। नागौर में आयोजित होने वाले पशु मेले श्रीबलदेव पशु मेला: यह मेला मेड़ता सिटी (नागौर) में आयोजित होता है। इस मेले का आयोजन चेत्र मास के सुदी पक्ष में होता हैं, नागौरी नस्ल से … Read more
सेवड़िया पशु मेला राजस्थान में कहां आयोजित होता है?
[A] जालौर [B] अजमेर [C] सांचौर [D] जोधपुर Answer: C सेवड़िया पशु मेला सांचौर के रानीवाड़ा क्षेत्र में रानीवाड़ा रेलवे स्टेशन से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर आयोजित होता है। यह सांचौर जिले का सबसे बड़ा पशु मेला है। यह मेला चैत्र शुक्ल (एकादशी से पूर्णिमा तक) लगता है। इसमें कांकरेज नस्ल के … Read more
मजार-ए-फखरी राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
[A] टोंक [B] जालौर [C] डूंगरपुर [D] बीकानेर Answer: C मजार-ए-फखरी डूंगरपुर जिले में स्थित है। गलियाकोट दरगाह को मजार-ए-फखरी के नाम से भी जाना जाता है। जो शिया सम्प्रदाय के बोहरा मुसलमानों का बड़ा ही धार्मिक स्थान है। यह जगह सैयद फखरुद्दीन शहीद की समाधि है। वर्ष में एक बार पीर फखरुद्दीन की दरगाह … Read more
राजस्थान के किस पैलेस में ‘स्कल्पचर पार्क’ स्थित है?
[A] गोरबंध पैलेस [B] माधवेंद्र पैलेस [C] सरिस्का पैलेस [D] उमेद भवन Answer: B ‘स्कल्पचर पार्क’ नाहरगढ़ किले के माधवेंद्र पैलेस में स्थित है। नाहरगढ़ किले के माधवेंद्र पैलेस में राजस्थान गवर्नमेंट और नई दिल्ली स्थित साथ साथ आर्ट के सहयोग से देश का पहला स्कल्प्चर पार्क शुरु किया गया है। भारत में बढ़ते कंटेम्परेरी … Read more
धुमालो/अमलो/ सेलो/बागा किसके प्रकार है?
[A] कुर्ता [B] ओढ़नी [C] पगड़ी [D] घाघरा Answer: C घुमालो, पेटा, लपेटो, बागा, साफा, पाग, पेचा, अमलो, फालियो, सेलो, शिरोप्राण आदि पगड़ियों के उपनाम है। पगड़ी पुरुषों द्वारा सिर पर बाँधी जाती है। जो मान-सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक होती है। पाग: पाग, उस पगड़ी को कहते हैं जो लम्बाई में सर्वाधिक होती है। … Read more
थेवा कला का संबंध राजस्थान के किस जिले से है?
[A] बाड़मेर [B] जोधपुर [C] प्रतापगढ़ [D] बीकानेर Answer: C थेवा कला का संबंध राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले से है। थेवा कला में विभिन्न रंगों के शीशों (कांच ) को चांदी के महीन तारों से बने फ्रेम में डालकर उस पर सोने की बारीक कलाकृतियां उकेरी जाती हैं। थेवा कला के बारे में NOTE: थेवा … Read more