राजस्थान के जिले (Districts of Rajasthan): आज के आर्टिकल में हम राजस्थान के जिलों (Districts of Rajasthan) के बारे में जानेंगे। आज का हमारा यह आर्टिकल परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही उपयोगी होने वाला है। राजस्थान के जिलों से सम्बन्धी महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ दी गई है।

1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम में राजस्थान को पूर्ण राज्य का दर्जा एक नवम्बर, 1956 को दिया गया अर्थात् 1948 से प्रारम्भ हुई राज्य निर्माण प्रक्रिया 1956 में पूर्ण हुई और वर्तमान राज्य अस्तित्व में आया। उस समय राज्य को प्रशासनिक दृष्टि से 26 जिलों और 5 संभागों में विभक्त किया गया। सन् 1963 में संभाग समाप्त कर दिए गए और 26 जिले रखे गए। 9 अप्रैल, 1991 को तीन नए जिले – बारां (कोटा जिले से), राजसमंद (उदयपुर जिले से) तथा दौसा (जयपुर जिले से) बनाए गए। इसके पश्चात् हनुमानगढ़ (गंगानगर जिले से) तथा करौली (सवाई माधोपुर जिले से) तथा प्रतापगढ़ 26 जनवरी, 2008 को अस्तित्व में आया। संभाग व्यवस्था जो पूर्व में समाप्त कर दी गई थी, पुनः 15 जनवरी, 1987 से प्रारम्भ की जा चुकी है, जिसके अन्तर्गत राज्य 7 संभागों में विभाजित किया गया।
☛ 6 अगस्त, 2023 को राज्य सरकार ने 3 नये संभाग एवं 19 नये जिलों के गठन की स्वीकृति दी थी तदनानुसार 10 संभाग और 50 जिले हो गये, किन्तु 28 दिसम्बर, 2024 को राज्य सरकार ने निर्णय लेते हुए तीन संभाग (पाली, बांसवाड़ा और सीकर ) तथा 9 जिलों को निरस्त कर दिया। अतः वर्तमान में राज्य में 7 संभाग और 41 जिलें है।
26 जनवरी 1950 को संवैधानिक रूप से हमारे राज्य का नाम राजस्थान पडा।
राजस्थान अपने वर्तमान स्वरूप में 1 नवंम्बर 1956 को आया। इस समय राजस्थान में कुल 26 जिले थे।
26 वां जिला–अजमेर-1 नवंम्बर, 1956
27 वां जिला-धौलपुर-15 अप्रैल, 1982, यह भरतपुर से अलग होकर नया जिला बना।
28 वां जिला- बांरा-10 अप्रैल, 1991, यह कोटा से अलग होकर नया जिला बना।
29 वां जिला-दौसा-10 अप्रैल, 1991, यह जयपुर से अलग होकर नया जिला बना।
30 वां जिला- राजसंमद-10 अप्रैल, 1991, यह उदयपुर से अलग होकर नया जिला बना।
31 वां जिला-हनुमानगढ़-12 जुलाई, 1994, यह श्री गंगानगर से अलग होकर नया जिला बना।
32 वां जिला -करौली 19 जुलाई, 1997, यह सवाई माधोपुर से अलग होकर नया जिला बना।
33 वां जिला-प्रतापगढ़-26 जनवरी, 2008, यह तीन जिलों से अलग होकर नया जिला बना।
- चित्तौडगढ़- छोटी सादडी, आरनोद,प्रतापगढ़ तहसील
- उदयपुर-धारियाबाद तहसील
- बांसवाडा- पीपलखुट तहसील
प्रतापगढ जिला परमेशचन्द कमेटी की सिफारिश पर बनाया गया। प्रतापगढ जिले ने अपना कार्य 1 अप्रैल, 2008 से शुरू किया। प्रतापगढ़ को प्राचीन काल में कांठल व देवला/देवलीया के नाम से जाना जाता था।
राजस्थान के 41 जिलों के नाम की सूची
| क्रम संख्या | जिला |
| 1. | अजमेर |
| 2. | अलवर |
| 3. | बांसवाड़ा |
| 4. | बारां |
| 5. | बाड़मेर |
| 6. | भीलवाड़ा |
| 7. | भरतपुर |
| 8. | बीकानेर |
| 9. | बूंदी |
| 10. | चित्तौड़गढ़ |
| 11. | चुरु |
| 12. | दौसा |
| 13. | धौलपुर |
| 14. | डूंगरपुर |
| 15. | हनुमानगढ़ |
| 16. | जयपुर |
| 17. | जैसलमेर |
| 18. | जालौर |
| 19. | झालावाड़ |
| 20. | झुंझुनूं |
| 21. | जोधपुर |
| 22. | करौली |
| 23. | कोटा |
| 24. | नागौर |
| 25. | पाली |
| 26. | प्रतापगढ़ |
| 27. | राजसमंद |
| 28. | सवाई माधोपुर |
| 29. | सीकर |
| 30. | सिरोही |
| 31. | श्रीगंगानगर |
| 32. | टोंक |
| 33. | उदयपुर |
| 34. | ब्यावर |
| 35. | फलौदी |
| 36. | डीडवाना-कुचामन |
| 37. | सलूम्बर |
| 38. | कोटपुतली-बहरोड़ |
| 39. | खैरथल-तिजारा |
| 40. | डीग |
| 41. | बालोतरा |
राजस्थान के अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित जिलें – 5 (बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, फलोदी व श्रीगंगानगर)
राजस्थान का सबसे बड़ा जिला – जैसलमेर (38401 वर्ग किमी.)।
राजस्थान का सबसे छोटा जिला – धौलपुर
जैसलमेर, धौलपुर से 12.66 गुणा बड़ा है।
राजस्थान के दो जिले खंण्डित जिले हैं-1. अजमेर – टॉडगढ़ 2. चित्तौड़गढ़ – रावतभाटा
2011 की जनगणना की दृष्टि से जयपुर (66.26 लाख) सबसे बड़ा जिला है। वहीं जैसलमेर (6.69 लाख) सबसे छोटा जिला है।
राजस्थान का गंगानगर शहर पहले एक बड़ा गांव हुआ करता था रामगनगर।
राज्य का सबसे बड़ा नगर जयपुर एवं सबसे छोटा नगर बोरखेड़ा (बांसवाड़ा) है।
- राज्य का नवगठित जिला प्रतापगढ़ है।
- राजस्थान का प्रवेश द्वार भरतपुर को कहा जाता है ।
- राजस्थान का सबसे पूर्वी जिला धौलपुर है ।
- राजस्थान का सिंह द्वार अलवर को कहा जाता हैं ।
- राजस्थान के जैसलमेर और बाडमेर जिलें पूर्ण मरूस्थल वाले जिलें हैं
- राजस्थान में सर्वप्रथम सूर्योदय धौलपुर जिले में होता है ।
- राजस्थान का समगॉव (जैसलमेर) पूर्णतया वनस्पति रहित क्षेत्र है।