[A] आचार्य तुलसी
[B] आचार्य विशेष मुनि
[C] आचार्य नानेश मुनि
[D] आचार्य प्रमोद मुनि
Answer: C
‘समता दर्शन और व्यवहार’ पुस्तक आचार्य नानेश मुनि द्वारा लिखी गई है। ‘समता दर्शन और व्यवहार’ पुस्तक में समरसता की विशद विवेचना की गई। आचार्य नानेन मुनि के बचपन का नाम गोवर्धन (नाना) था।